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QR code जनरेटर – Create, Customize, and Track

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QR Code Generator & Scanner

QR Code Tool

प्रस्तावना

आज के इस डिजीटल युग में QR कोड विभिन्न तरीकों से लोगो को जोड़ रहा है। लोगो  आज भारी संख्या मेंं QR कोड का इस्तेमाल  कई कामों मे हो रहा है जैसे आनलाइन पेमेन्ट , ट्रस्ट मैसेज , वाईफाई पासवर्ड , ईमेल इत्यादि ।  उपयोगकर्ता के लिए यह एक तुरंत प्रक्रिया होती है |  कैमरा खोले, स्कैन करे और काम हो गया। QR कोड का इस्तेमाल करते समय त्रुटि की संभावना बहुत कम होती  है  और इस्तेमाल करना बेहद आसान होता है । QR कोड  ने भौतिक जगत और डिटिटल जगत के बीच अन्तर को बहुत कम किया है इस तकनीक का विकास इसकी उपयोगिता और सर्वव्यापकता  के संगम से निधारित होता है | भारत में UPI कोड के सुरक्षा मानक NPCI (National Payments Corporation of India) द्वारा निर्धारित किए जाते हैं।

Table of Contents [Hide]
  1. प्रस्तावना
  2. QR code जनरेटर टुल क्या है |
  3. मैन्युफैक्चरिंग से लेकर बड़े पैमाने पर अपने तक |
  4. क्यूआर कोड के प्रकार : आप क्या-क्या बना सकते हो QR कोड से |
  5. QR कोड सुरक्षा : क्विशिंग ( quishing ) और स्कैन से कैसे बचे ।
  6. निष्कर्ष : भविष्य का कोड
  7. FAQ QR कोड से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न ।

 QR code जनरेटर  टुल क्या है | 

QR कोड के के इस आधुनिक युग में जानकारियों को साझा करने का सबसे तीव्र और आसान तरीका बन गया है । ( QR code Generator Tool )  वह सॉफ्टवेयर या ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म है जो आपकी डिजिटल जानकारी (जैसे वेबसाइट लिंक , फोन नम्बर , या UPI आईडी इत्यादि) को स्कैन करने के लायक  बनाने  के लिए ब्लैक-एण्ड - व्हाइट पिक्सेल को   (वर्गाकार पैटर्न  ) में बदल दिया जाता है।  जब कोई दूसरा व्यक्ति अपने स्मार्टफोन के कैमरे से इस कोड को स्कैन करता है तो वह जानकारी उसके फोन में तुरंत खुल जाती है । इसके लिए उसे कुछ भी टाइप करने की जरूरत नहीं पड़ती है ।

 QR इमेज  और QR सिस्टम में अंतर | 

अक्सर लोग QR को एक फाटो समझ लेते हैं ' लेकिन तकनीक रूप से इसमें बड़ा अंतर होता है

QR इमेज(static QR) : यह एक साधारण फोटो की तरह है । इसमें जानकारी सीधे कोड के अंदर  होती है । एक बार QR कोड बन जाने के बाद उसके पीछे की जानकारी नहीं मिटाई जा सकती और ना ही बदली जा सकती है । स्थैतिक QR को आप ट्रैक भी कर सकते हैं कि इसे कितनी बार और कहाँ स्कैन किया गया है


एक डिजिटल हरा QR कोड जिस पर सुरक्षा ढाल और ताले का आइकन है, जो एन्क्रिप्टेड डेटा और सुरक्षित ट्रांजैक्शन तकनीक को दर्शाता है।

QR सिस्टम  ( डायनामिक QR ) : यह एक स्मार्ट सिस्टम होता है । यह QR कोड एक " शॉर्ट URL " की तरह काम करता है । युजर को असली जानकारी पर रिडायरेक्ट करता है । आप कोड को प्रिन्ट करने के बाद भी बड़ी आसानी से इसके पीछे की जानकरी को आप बदल सकते हैं ।  

ISO/IEC 18004:2024 आधिकारिक मानक दस्तावेज़ का स्क्रीनशॉट, जो QR कोड बारकोड सिम्बोलॉजी के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त विनिर्देशों को परिभाषित करता है।

According to ISO/ICE:18004 (Official Documentation):

https://www.iso.org/standard/83389.html

The screenshot below is taken directly from the original source and is used only for educational and reference purposes.


 मैन्युफैक्चरिंग से लेकर बड़े पैमाने पर अपने तक |

 सन् 1994 में " Masahiro Hara - मासाहिरो हारा " ने QR कोड बनाया था ।   इसे लीनियर(1D) बार कोड के अन्दर की कमियों को दूर करने के लिए बनाया था । पुराने बार कोड , जैसे UPC ( यूनिवर्सल प्रोडक्ट कोड ) या EAN ( यूरोपीय ऑप्टिकल नंबर), की डेटा न्युमेरिकल लिमिट होती है -  आमतौर पर इनमें सिर्फ 12 से 13 न्यूमेरिकल कैरेक्टर्स होते हैं । QR कोड ने टू-डाइमेंशन डाटा स्टोरेज और हाई स्पीड पोजीशन डिटेक्शन की कमियों को दूर किया । लगभग दो दशकों तक ' यह टैक्नौलॉजी अधिकतर इंडस्ट्रियल क्षेत्रों में  या मार्केट कैंपेन तक ही  सीमित रही' जिसके लिए उपयोगकर्ता  तृतीय पक्ष के  QR स्कैनिंग  डाउनलोड करने पड़ते । 2010 के आखिर में एंड्रायड ( गुगल ) आपरेटिंग सिस्टम में इस परेशानी  दुर किया । कोविड-19 की महामारी के दौरान इसे तेजी से अपनाया गया , जहां कांटेक्टलेस  इंटरैक्शन  जरूरत ने  QR कोड को एक नई चीज में पब्लिक हेल्थ केयर और ई-कॉमर्स , लोकल बिजनेस , UPI इत्यादि जरूरी उपयोगिता में बदल दिया ।

        


क्यूआर कोड जेनरेटर :  ग्लोबल मैट्रिक्स विश्लेषण और 2026 GS1 परिर्वतन

ग्लोबल   क्यूआर  आधुनिक आधारित संरचना की एक साधारण लेयर बन गया है । QR कोड इकोसिस्टम का टेक्निकल और  स्ट्रैटेजिक विशेषण , इसके बनने को कन्ट्रोल करने वाले अंतरिक एल्गोरिदम का विश्लेषण  , इसको  बहुत पैमाने से समाने आई सुरक्षा कमजोरियाँ , और GS1 सनराइज 2027  पहल के साथ आने वाला बदलाव ।

  1. 1 D बारकोडिंग : रिटेल और सप्लाई चेन सेक्टर अभी  भी कई सालो से बड़े ऑप्टिकल ट्रांजिशन से गुजर रहे हैं । GS1 सनराइज 2027 पहल । इस ग्लोबल प्रोजेक्ट का मकसद परंपरागत 1 D लीनियर बार कोड   (UPC/EAN) को हटाकर , खासकर GS1 डिजिटल लिंक स्टैंडर्ड वाले QR Code लाना ।                                        
  2.  GS1 डिजिटल लिंक  :  GS1(डिजिटल लिंक स्टैंडर्ड) प्रोडक्ट के GTIN  की एक स्टैंडर्ड  वेब यूआरएल URL  की संरचना को हल करता है । जिसे फिर एक QR कोड में एनकोड   किया जाता है। इस प्रकार एक ही कोड दो कम कर सकता है ।                                                                                                                            
  3.  कंज्युमर एंगेजमेंट : स्मार्टफोन (मोबाइल) से वही कोड स्कैन करने वाली खरीददारों को एक  वेबपेज पर भेजता है ।                                                                                                                                                            
  4. पॉइंट ऑफ सेल ( Pos )  :  जब कोई ग्राहक ऑनलाइन कोई सामान परचेज़ करता है तो चेक आउट पर रिटेल स्कैनर URL पार्स कर  सकते हैं। जो भौतिक स्ट्रोर और ऑनलाइन प्लेटफार्म के लिए आवश्यक होता है । यह चेक आउट प्रक्रिया को तेज बनता है और बैकएन्ड में अपने आप कार्य को स्वचालित करता है ।


ISO/IEC 18004 मानकों के अनुसार स्मार्टफोन द्वारा टैबलेट स्क्रीन पर प्रदर्शित सुरक्षित क्यूआर कोड को स्कैन करने की प्रक्रिया।


 हमारा कर कोड जेनरेटर कैसे काम करता है ( प्रक्रिया और  तकनीक) 

हमारा कर कोड जेनरेटर टूल ISO/ICE 18004 के नियमों का पालन करता है । जो एक सुरक्षित और मानवहित का प्रक्रिया पालन करता है ताकि आपको सर्वोत्तम परिणाम मिल सके ।

  • डेटा  इनपुट : यह टूल  URL ( Uniform Resource Locator ) , सादा टेस्ट्र , संम्पर्क विवरण ( vcard ) , वाईफाई , ईमेल , यू पी ई  ( UPl ) भुगतान डेटा को स्वीकार करता है । कृपया ध्यान दें webtech को आपके के  कोई भी   पर्सनल डेटा को नही रखता है । यह टूल  आपको लंबे समय तक विश्वासनीयता , सुरक्षा प्रदान करता है |                                               
  • एकोडिंग : टूल उपयोगकर्ता के डाटा को बाइनरी फॉर्म में बदलता  है । ISO/IEC 18004 मानकों के अनुसार मैट्रिक्स मैप करता है । यह  एक मल्टी स्टेप प्रक्रिया है ।   जिसमे दिए गए डेटा को जैसे  ( UPl ID ,  प्रसर्नल डेटा , नाम , टेस्ट , ईमेल , इत्यादि ) डेटा  एन्कोडिंग ,  त्रुटि  कलेक्शन , गणना और मेट्रिक्स मास्किंग शामिल है
  •  टूटी सुधार (एरर कलेक्शन ) :हम रीड - सोलोमन ( Read Solomon ) लॉजिक का उपयोग करते हैं जिससे कोड आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त होने या गंदगी होने पर भी स्कैन करने योग्य रहता है । QR कोड की सबसे महत्वपूर्ण बात इसकी मजबूती रीड - सोलोमन एरर कलेक्शन से चलती है । यह एल्गोरिदम ( नियम )  जिसे सन् 1960 ईस्वी में इरविंग - एस - रीड  और गुस्ताव -सोलोमन ने बनाया था । यह कर  क्यु आर कोड को तब भी काम करने के लायक बनाए रखता  है  जब उसका 30% तक सर्फेस क्षेत्र खराब  ,धुंधला या हटा दिया गया हो ।




According to error correction   (Official Documentation):

link = https://www.qrcode.com/en/about/error_correction.html

The screenshot below is taken directly from the original source and is used only for educational and reference purposes.

  •  गणितीय आधार:  रीड - सोलोमन कार्य  प्रणाली एन्कोड   किए जाने डेटा  को बिट्स ( bits ) की  एक सिंपल स्ट्रिंग के तौर पर नहीं , बल्कि एक  पॉलीनोमियल (बहुपद) पॉली (Poly): ग्रीक शब्द जिसका अर्थ है "अनेक" (many)|  नोमियल (Nomial): लैटिन शब्द जिसका अर्थ है "पद" (term) या "नाम" (name) |के कोएफिशिएट(कठिनाई)   के तौर पर देखा जाता है एन्कोडिंग प्रक्रिया के दौरान जनरेटर इनपुट डाटा के आधार पर एक मैसेज बनता है । फिर यह  सूचना इस  पॉलीनोमियल को गुणा  करता है उत्पन्न हुए पॉलीनोमियल  का इस्तेमाल करके एक कोड वर्ड बनाया जाता है ।  उत्पन्न हुए पॉलीनोमियल का उपयोग करके एक कोड वर्ड बनाया जाता है जिसमें सही जानकारी और रिडंडेंट दोनों होते हैं । जबकि बार स्कैनर कोड को पढ़ता है तो वह असल  में इस पॉलिनोेमियल पर पॉइंट्स  का नमूना इकट्ठा कर रहा होता है । अगर कोड क्षतिग्रस्त बेकार है - अगर किसी कस्टम कर कोड के बीच लोगो  ( Logo ) लगा है जो डाटा को छुपा रहा है तो स्कैनर को एक " करप्टेड ,  टूटा हुआ ) पॉलीनोमियल  मिलता है । क्योंकि  कोएफिशिएट्स के बीच  गणितीय संबंध पहले से पता होता है इसी कारण डिकोडर गुम हुए चर  को हल करने के लि  रिडंडेंट पैरिटी सिंबल्स  (चिन्ह ) का उपयोग करता है और उन गैप्स  को भरता है जहां पिक्सल नहीं है या गलत पढ़ लिए गए हैं |                                                                                              
  • इमेज रिडिंग :उच्च स्पष्टता रीडिंग यह सुनिश्चित करता है कि किनारे साफ हो और कॉन्ट्रास्ट (अंतर )  सही हो । जो स्कैनर की सफलता के लिए महत्वपूर्ण है अच्छी रिवॉल्यूशन के साथ स्कैनर या सॉफ्टवेयर QR कोड  का अच्छी तरीके से मैप ले सकने योग्य होता है जो कि बारकोड की संरचनाओं को समझने के लिए आवश्यक होता है । QR कोड जेनरेटर फॉर्च्यून  (fortune ) फ्यूचर सभी तरह के बिजनेस के लिए एक जरूरी टूल बन गया है

  • अनुमान है कि 2026-27 QR कोड स्कैन करने वाले india  में स्मार्टफोन यूजर की संख्या 34-35% से भी ज्यादा हो जाएगी  ।


भारत में डिजिटल भुगतान का इन्फोग्राफिक, जिसमें UPI ट्रांजैक्शन में 34% की वृद्धि और 709 मिलियन QR कोड के सक्रिय उपयोग को दर्शाया गया है।

 क्यूआर कोड के प्रकार :  आप क्या-क्या बना सकते हो  QR कोड से

यह QR ऑनलाइन  कोड जेनरेटर विभिन्न  प्रकार के उपयोग के लिए बहुमुखी qrकोड प्रदान करता है

क्यूआर कोड के 8 प्रमुख उपयोग

आधुनिक युग के 8 स्मार्ट डिजिटल समाधान

1

URL / वेबसाइट

वेबसाइट को तुरंत खोलने के लिए।

2

UPI भुगतान

आसान और तेज डिजिटल पेमेंट।

3

Wi-Fi एक्सेस

बिना पासवर्ड शेयर किए जुड़ें।

4

डिजिटल कार्ड

संपर्क सीधे फोन में सेव करें।

5

व्हाट्सएप चैट

बिना नंबर सेव किए मैसेज भेजें।

6

गोपनीय मैसेज

सुरक्षित डिजिटल संदेश भेजें।

7

हेल्थकेयर पर्ची

अस्पतालों में डिजिटल पर्ची के लिए।

8

ऑटो पेमेंट

ऑटोमेटिक बिलिंग और भुगतान।

QR Code Digital Guide 2026



डिजाइन और स्कैनबिलिटी का नियम :  प्रभावित QR कोड कैसे बनाएं ।

QR कोड की सफलता उसके भौतिक डिजाइन पर आश्रित होती है इन नियमों का पालन न करना फील्ड में स्कैनिंग की सफलता का प्रमुख कारण बन सकता है 

 दुरी नियम :QR कोर्ट की आकृतिक ( साइज ) और स्कैनिंग की जाने वाले उपकरण के बीच की दूरी 10 : 1 का अनुपात एक का रूल  होता है । QR कोड  को भरोसेमंद तरीके से स्कैन करने के लिए उसकी चौड़ाई स्कैनिंग उपकरण से दूरी का लगभग दसवां हिस्सा होनी चाहिए ।

सूत्र :

      QR की चौड़ाई  = स्कैनिंग दुरी / 10

Ex: - यदि स्कैनिंग की दूरी 100 सेंटीमीटर यानी 1 मीटर है तो

QR कोड  की चौड़ाई = 100 / 10 = 10 CM है ।

क्यूआर कोड की चौड़ाई  व लम्बाई तब 10 सेंटीमीटर होगी  । क्षेत्रफल 10 x 10 = 100 CM² होगा । 



                     

According to qr planet  (Official Documentation):

https://qrplanet.com/help/article/what-is-the-minimum-size-of-a-qr-code#consider-the-scanning-distanc%20.

The screenshot below is taken directly from the original source and is used only for educational and reference purposes.

कम से कम साइज क्लोज-रेंज  स्कैनिंग ( पैकेजिंग , बिजनेस कार्ड , आदि ) के लिए सबसे कम साइज 2 CM X 2 CM  ( 0.8 ) इंच है । इस लिमिट के नीचे कई  मोबाइल (स्मार्टफोन ) के कैमरे मॉड्यूल को ठीक से फोकस नहीं कर पाते । हमेशा सफेद बैकग्राउंड पर एकदम गहरे रंग के  मॉड्यूल  जैसे  ( काले रंग ) का उपयोग करें कम से कम 4:1 अनुपात  का कंट्रास्ट  बेहतर होता है । कोड के चारों तरफ कम से कम 4-मॉड्यूल चौड़ी रिक्त स्थान छोड़ना जरूरी है ताकि स्कैनर इसे पहचान सके । 

QR कोड डिजाइन करने के लिए मॉड्यूल साइज और स्थिरता को समझाने वाली तकनीकी गाइड, जो https://www.google.com/url?sa=E&source=gmail&q=qrcode.com के आधिकारिक दस्तावेजों से ली गई है।
According to qr code  (Official Documentation):

https://www.qrcode.com/en/about/error_correction.html

The screenshot below is taken directly from the original source and is used only for educational and reference purposes.

[इमेज 2m x 2 cm  सेंटीमीटर का स्कैनिंग में दिक्कत वह दर्शन पाए एक के रोल में खींचा गया कर कोड मोबाइल से ]

  • नोट: यहाँ एक छोटा 'Pro-Tip' जोड़ें कि यह साइज 'Version 2' या 'Version 3' के कोड्स के लिए आदर्श है।


 QR कोड सुरक्षा  : क्विशिंग ( quishing ) और स्कैन से कैसे बचे ।

क्यूआर कोड स्वयं स्थिर होते हैं लेकिन उनका दुरुपयोग किया जा सकता है 2024 - 2025 में क्विशिंग हमले में 500% से अधिक वृद्धि देखी गई है जिसे साइबर क्राइम का यह एक बड़ा कारण बन गया है

 फिजिकल ओवरले अटैक : फ्रॉड करने वाले खराब कर कोड स्टीकर छाप देते हैं और उन्हें पार्किंग , रेलवे , बस स्टेशन  , सामाजिक स्थान ,  रेस्टोरेंट के मेन्यू पर , असली  कोड के ऊपर लगा देते हैं या चिपका देते हैं जब कोई उपयोग करता है, फीस देने की उम्मीद इत्यादि कम से कोड को स्कैन करता है लेकिन इसके बजाय उन्हें एक फिशिंग साइट पर या रिडायरेक्ट साइट पर भेज  दिया जाता है ।



सत्यापन:किसी भी फोटो लिंक या हाकी qrकोड को स्कैन करने से पहले उसकी अच्छी तरीके से जांच कर ले ।

 डाटा गोपनीयता : हमारा जनरेटर कोई भी व्यक्तिगत जानकारी स्कैनर डेटा स्टोर नहीं करता है  । प्रशासन से पहले सदैव अपने इंटरनेट एवं QR कोड जेनरेटर को अच्छी तरीके से जांच कर ले ।  समय -समय  के साथ उपयोगकर्ता रणनीतियों को अपडेट करना है । नए प्लेटफार्म और व्यवहारो के अनुसार अपना QR  कोड अनुकूलित  करना और किसी भी की व जनरेटर साइट पर उसके सभी पॉलिसी को ध्यान से पढ़ना चाहिए ।

निष्कर्ष : भविष्य का कोड

क्यूआर कोड एक है औद्योगिक ट्रैक्टर के तौर पर अपने शुरुआत से आगे बढ़कर फिजिकल संसार का हाइपरलिंक बन गया है जैसे हम 2026 - 2027 GS1 ट्रांजैक्शन के नजदीक पहुंच रहे हैं । यह टेक्नोलॉजी अस्त-व्यस्त , प्रोपाइटरी अत्यारोपण  से हटकर  एक यूनिफाइड ग्लोबल फ्रेमवर्क की ओर आगे बढ़ रही है । यूजर के लिए कर कोड जेनरेटर एक आसान टूल है लेकिन यह एक गेटवे है । लेकिन स्टैटिक और डायनामिक जेनरेशन QR कोड के बीच चुनाव  , ब्रांडिंग के लिए रीड - सोलोमन ,  एरर लेवल चुनाव और किशिंग के प्रति जागरूक और   आवाज उठाना चाहिए |और बड़ी सतर्कता से  online qr कोड का इस्तेमाल करना चाहिए ।  चाहे हजारों लाखों मिलियन बिलियन डॉलर या रुपया qr code  इकोनॉमिक्स सिस्टम को सरल  बनता है वह किसी परिवार की विरासत बचाना हो क्यु आर कोड इंसानी   एक्सपीरियंस ( अनुभव) का एक  कभी ना मिटने वाला हिस्सा बन गया है  हमारा QR .कोड जनरेटर उपयोगकर्ता के लिए सरलता और उनके विश्वास पर निर्भर करता है चाहे आप कोई व्यक्ति हो या कोई व्यवसाय यह टूल आपकी डिजिटल जरूरत को कुशल पूर्वक पूरा करने के लिए बनाया गया है ।

reseach reoprt 1  |   reseach reopt 2  | research reoprt 3

 FAQ QR कोड से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न ।

क्या यह कर कोड जेनरेटर मुक्त है ?
हाँ ! यह स्टैटिक QR जनरेटर पूरी तरह फ्री है और कभी एक्सपायर नहीं होता है ।
क्या QRकोड बिना इंटरनेट के काम करते हैं ?
स्कैनिंग ऑफलाइन हो सकती है लेकिन डाटा जैसे यूआरएल (URL) लोड करने के लिए इंटरनेट की आवश्यकता होती है
क्या मैं क्युआर कोड जनरेटर का उपयोग व्यवसाय में उपयोग कर सकता हूँ?
बिल्कुल। आप इन्हें स्टोर, विज्ञापन और बिजनेस कार्ड इत्यादि व्यावसायिक कामों के लिए इस QR कोड जनरेटर का इस्तेमाल कर सकते हैं
क्यों QR कोड जनरेटर क्या है और यह कैसे काम करता है ?
A. QR कोड जनरेटर एक ऐसा टूल होता है जो आपकी जानकारी जैसे ( वेबसाइट लिंक, वाई-फाई पासवर्ड यूपीआई आईडी या संपर्क विवरण ) को एक स्कैन करने योग्य QR इमेज में बदल देता है । जब कोई उपयोग करता है इसे स्कैन करता है तो यह तुरंत उस जानकारी को खोल देता है । अच्छे व उच्च गुणवत्ता वाले जनरेटर ISO / IEC 18004 स्टैंडर्ड और Reed Solomon error correction का पालन करते हैं ।
5 Static and dynamic QR में क्या अंतर है ।
Static QR कोड: डाटा सीधे इमेज में रहता है और यह कभी एक्सपायर ( खराब ) नहीं होता है । dynamic QR code: इसमें एक छोटा है रीडायरेक्ट लिंक होता है जिसको बाद में बदला भी जा सकता है ।
QR कोड डिजाइन करते समय किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए ?
प्रिंट साइज कम से कम 2 x 2 cm रखें । बैकग्राउंड सफेद और कोड गहरे रंग (काले) में होना चाहिए । चारों तरफ quiet Zone (खाली) स्थान रखें । लोगो लगाने पर ECC level H 30% एरर करेक्शन चुने |
QR में एरर करेक्शन होता है ।
लेवल L में 7% डाटा रिकवरी / लेवल M में 15% डाटा रिकवर / लेवल Q में 25% डाटा रिकवर / लेवल H में 30% डाटा रिकवर इससे कोड स्कैन हो जाता है पहले ही थोड़ा हटाया बदल क्यों ना हो ।
किन-किन उद्योगों में क्यूआर कोड सबसे ज्यादा उपयोगी हैं।
रिटेल और ई-कॉमर्स पेमेंट और प्रोडक्ट की जानकारी /शिक्षा में नोट्स और रिसोर्स शेयरिंग / हेल्थ केयर में टिकट और रजिस्ट्रेशन । मैन्युफैक्चरिंग में सप्लाई चैन ट्रैकिंग / भारत में यूपीआई UPI पेमेंट और चीन में वी चैट Pay सबसे बेस्ट उदाहरण है ।
क्या QR कोड भविष्य में उपयोगी रहेंगे ?
GSI digital Link लिंक सनराइजेज 2026-27 के बाद qr कोड पूरे दुनिया भर में बारकोड की जगह ले लेंगे उससे पेमेंट पहचान और प्रोडक्ट सब एक ही कोड में होंगे |
QR कोड का क्वाइट जोन क्यों जरूरी है ?
ISO स्टैंडर्ड के अनुसार QR कोड के चारों ओर कम से कम 4 मॉड्यूल चौड़ी खाली जगह होनी चाहिए। अगर क्वाइट जोन पर टेस्ट या इमेज आ जाए तो स्कैनर को कोड पहचान में परेशानी होती है और स्कैनर क्यूआर कोड स्कैन करने में असफल हो सकता है
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